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इश्क़ की परिधि

पता नहीं इश्क क्या कर देता है, कैसे हम किसी को हमारी पूरी जिंदगी पर हक़ दे बैठते है। कैसे पूरी कायनात में सिर्फ उसका होना मायने रखने लगता है, जैसे दुनिया की पूरी परिधि बस उसकी हदों में आ … Continue reading

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