Tag Archives: ravan

रावणों की बस्ती में आज जलेगा रावण

क्रोध का, अहंकार का, घृणा का, पाप का, लिप्सा का, लोलुपता का, भ्रम का, झूठ का… हजारों रावण तुम्हारे भीतर जनम ले रहे हैं और प्रत्येक साल तुम्हें पाप से ज्यादा पापी बना रहा हूं मैं, इक पुतला रावण तुम्हारे मन के रावण पर हंस रहा है। Continue reading

Advertisements
Posted in dussehra festival, Uncategorized | Tagged , , , , , , | Leave a comment